लालित्यम्
ललित लेखन -गद्य .
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कहानी-कुञ्ज
भानमती का कुनबा.
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शनिवार, 30 जनवरी 2021
चित्रगुप्त जी की बेरुख़ी -
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* एक विशेष घटना जिसके फल स्वरूप सृष्टि में अव्यवस्था फैल गई थी ,कायस्थ लोग दीपावली की भाई दूज पर चित्रगुप्त जी की पूजा के क्रम में लेखनी...
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शुक्रवार, 8 जनवरी 2021
राग-विराग - 4.
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['मोइ दीनों संदेस पिय, अनुज नंद के हाथ। रतन समुझि जनि पृथक मोहि, जो सुमिरत रघुनाथ।।' - रत्नावली] * ...
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बुधवार, 9 दिसंबर 2020
राग-विराग - 3.
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विराग जिस राह को उतावली में पार कर तुलसी रत्नावली से मिलने उसके पीहर जा पहुँचे थे, उसी पर ग्लानि-ग्रस्त , यंत्र-चलित से पग बढ़ाते लौटे ज...
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बुधवार, 18 नवंबर 2020
सफ़ाई
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हमारी नातिन बड़ी सफ़ाई पसन्द है . एक बार की बात है मेरा कंघा नहीं मिल रहा था. वह बोली,'नानी मेरा ले लीजिये .' 'ढूँढ रही हूँ....
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शनिवार, 14 नवंबर 2020
क्लोनिंग
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इधर क्लोनिंग के विषय में बहुत कुछ सुनने में आ रहा है .वनस्पतियाँ तो थीं ही अब ,जीव-जन्तुओं पर भी प्रयोग हो रहे हैं और सफलता ...
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शनिवार, 7 नवंबर 2020
लाचार आदमी
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एक समाचार(बात पुरानी है ) - 'आन्ध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने परीक्षा में नकल करने के आरोप में पाँच जजों को निलम्बित कर दिया है. वारङ्गल जिल...
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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2020
राग-विराग - 2.
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मनस्विनी रत्ना ,जिस सुहाग पर मायके में इठलाती थी,उसकी विलक्षण विद्वत्ता-वाग्मिता का दम भरती थी उसके कथा-वाचन के अर्थ-गांभीर्य पर गर्व करती थ...
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