लालित्यम्
ललित लेखन -गद्य .
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कहानी-कुञ्ज
भानमती का कुनबा.
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बुधवार, 9 दिसंबर 2020
राग-विराग - 3.
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विराग जिस राह को उतावली में पार कर तुलसी रत्नावली से मिलने उसके पीहर जा पहुँचे थे, उसी पर ग्लानि-ग्रस्त , यंत्र-चलित से पग बढ़ाते लौटे ज...
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बुधवार, 18 नवंबर 2020
सफ़ाई
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हमारी नातिन बड़ी सफ़ाई पसन्द है . एक बार की बात है मेरा कंघा नहीं मिल रहा था. वह बोली,'नानी मेरा ले लीजिये .' 'ढूँढ रही हूँ....
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शनिवार, 14 नवंबर 2020
क्लोनिंग
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इधर क्लोनिंग के विषय में बहुत कुछ सुनने में आ रहा है .वनस्पतियाँ तो थीं ही अब ,जीव-जन्तुओं पर भी प्रयोग हो रहे हैं और सफलता ...
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शनिवार, 7 नवंबर 2020
लाचार आदमी
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एक समाचार(बात पुरानी है ) - 'आन्ध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने परीक्षा में नकल करने के आरोप में पाँच जजों को निलम्बित कर दिया है. वारङ्गल जिल...
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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2020
राग-विराग - 2.
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मनस्विनी रत्ना ,जिस सुहाग पर मायके में इठलाती थी,उसकी विलक्षण विद्वत्ता-वाग्मिता का दम भरती थी उसके कथा-वाचन के अर्थ-गांभीर्य पर गर्व करती थ...
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बुधवार, 14 अक्टूबर 2020
तृप्ति की क्वालिटी
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* पहले एक पहेली बूझिये फिर आगे की बात - 'कोठे से उतरीं, बरोठे में फूली खड़ीं.' इन फूलनेवाली महोदया का तो कहना ही क्या!(इन पर एक पूर...
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गुरुवार, 8 अक्टूबर 2020
राग-विराग - 1.
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* तमसाकार रात्रि . घनघोर मेघों से घिरा आकाश, दिशाएँ धूसर, रह रह कर मेघों की गड़गड़ाहट और गर्जना के साथ,बिजलियों की चमकार. वर्षा की झ...
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