लालित्यम्
ललित लेखन -गद्य .
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कहानी-कुञ्ज
भानमती का कुनबा.
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मंगलवार, 22 नवंबर 2022
चलो, आज इस महाद्वीप के बहुरंगी आँगन में..
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* (पृष्ठभूमि में धीरे धीरे प्रकाश बढ रहा है ।एक ओर से कुछ युवक और युवतियाँ - विभिन्न देशों की वेश-भूषा - में धीरे धीरे प्रवेश करते हैं । ...
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मंगलवार, 4 अक्टूबर 2022
कनक-बिन्दु बिखरे...
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* 'कनक-बिन्दु दइ-चारक देखे, सिर धरि जनक सुता सम लेखे' - तुलसीदास जी ने रामचरित मानस मेंं उल्लेख किया है ,भरत जी ने वन में कुश-किसल...
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सोमवार, 12 सितंबर 2022
एक सूचना.
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ब्लाग-जगत से संबद्ध सभी सुधी जनों को सूचित करना चाहती हूँ कि मेरे द्वारा लिखित उपन्यास कृष्ण-सखी,शवेतवर्णा प्रकाशन से प्रकाशित हो कर आ गया ह...
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गुरुवार, 4 अगस्त 2022
'हिन्दू': व्युत्पत्ति के अनुसार -
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* जब हम स्कूल में पढ़ते थे तो बताया गया था कि जिस प्रकार व्यक्ति जीवन में अपना नामकरण स्वयं नहीं करता ,उसका नाम दूसरे लोगों द्वारा उसे दे द...
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बुधवार, 3 अगस्त 2022
एक सवाल -
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* क्या कैलेणडरों निमंत्रण-पत्रों और प्रयोग में आने के बाद फेंक दी जानेवाली चीज़ों पर भगवान के फ़ोटो छपवाना सही है? ऐसी चीज़ें, जो उपयोग के ब...
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शुक्रवार, 8 जुलाई 2022
सुहाग -
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'सुहाग' शब्द को लेकर ,अपनी एक मित्र के साथ मेरी बहस हो गई .उनका कहना था -जिसका पति जीवित हो वही सुहागिन ,और यह शब्द स्त्री के परिप...
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रविवार, 11 जुलाई 2021
राग-विराग -15..
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राग-विराग 15. "भौजी, भौजी हो . . . कहाँ गईं? . . देखो तो तुम्हारे लिये क्या आया है?" साड़ी के पल्ले से भीगे हाथ पोंछती रत्नावली आत...
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