लालित्यम्
ललित लेखन -गद्य .
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कहानी-कुञ्ज
भानमती का कुनबा.
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शनिवार, 12 नवंबर 2016
पर मैं और क्या करती ..!
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* यहाँ अमेरिका में लोग जिस तरह अंग्रेज़ी बोलते हैं,कभी-कभी सिर के ऊपर से निकल जाती है. रोज़ शाम को टहलने निकलती हूँ.अड़ोस-पड़ोस में क...
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शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2016
और मैं चुप !
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* 'नानी ,काँ पे हो...?' 'कौन है ?'अनायास मेरे मुँह से निकला, महरी बोली,'आपकी नतनी ,और कौन ?' वैसे मैं जानती ह...
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शनिवार, 1 अक्टूबर 2016
'यो मां जयति संग्रामे
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नवरात्र ! कानों में गूँजने लगता है - 'यो मां जयति संग्रामे, यो मे दर्प व्यपोहति । यो मे प्रति-बलो लोके, स मे भर्त्ता भविष्यति ।।...
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गुरुवार, 29 सितंबर 2016
अललटप्पू.
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* अललटप्पू - जिसने यह शब्द नहीं सुना होगा,पूछेगा - इसका मतलब क्या ? मतलब है अटकलपच्चू . अब यह भी समझ में नहीं आया तो समझाना पड़ेगा. सुन...
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मंगलवार, 27 सितंबर 2016
भारतीय रक्त ब्रिटेन के राजवंश तक -
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* इंग्लैंड की गद्दी के दावेदार प्रिंस चार्ल्स की रगों में भारतीय रक्त दौड़ रहा है! एडिनबरा यूनिवर्सिटी के जेनेटिसिस्ट, जिम विल्सन ने व...
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सोमवार, 5 सितंबर 2016
अराल(अरल) सागर सूख गया -
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अराल(अरल) सागर सूख गया - कभी दुनिया के समुद्रों में चौथे चौथे नंबर पर रहे अराल(अरल) सागर का 90 फीसदी हिस्सा, बीते 50 सालों में ,सूख च...
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सोमवार, 8 अगस्त 2016
कोई क्या सोचेगा !
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* भोजन समापन पर है - मेरा बेटा कटोरी से दही चाट-चाट कर खारहा है .उसकी पुरानी आदत है कटोरी में लगा दही चम्मच से न निकले तो उँगली घुमाकर चा...
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