लालित्यम्
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सोमवार, 24 अक्टूबर 2011
कृष्ण सखी - 10.
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10 कैसे हैं, कहाँ हैं अर्जुन ? कृष्णा का मन बार-बार पुकारता है ! कृष्ण समझते हैं सखी की मनोव्यथा - और तब राज-रनिवास सब पीछे रह जाता है...
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