लालित्यम्
ललित लेखन -गद्य .
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कहानी-कुञ्ज
भानमती का कुनबा.
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बुधवार, 19 मार्च 2014
सागर - संगम: 8 .
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मंच पर - लोकमन ,सूत्रधार और नटी. * लोक - छठी शती तक शाक्य ,लिच्छवी, कोशल चेदि अवंती जैसी सोलह महाशक्तियाँ यहाँ शान से दमकीं. धीरे-धीरे...
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रविवार, 9 मार्च 2014
उनने बाप नहीं बदला..
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* यह नोट , जिस पर गणेश और विष्णु के चित्रांकन हैं,इंडोनेशिया की करेंसी का है - इसे देखकर, तीेन साल पहले पाकिस्तान के प्रधान मंत्री ने...
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गुरुवार, 6 मार्च 2014
हम कब होंगे ?
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16-foot statue of godde...
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बुधवार, 26 फ़रवरी 2014
सागर-संगम -7
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दृश्य परिवर्तन नटी - महात्मा बुद्ध हमारे देश के बहुत बड़े लोकनायक रहे थे ? सूत्र - उन्होंने सारे संसार का कल्याण करने के लिये जन्म लिया थ...
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गुरुवार, 13 फ़रवरी 2014
सागर-संगम - 6
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लोकमन - महा-समर में झोंक दिये सब रत्न, देश का यौवन, शेष बचा अपशिष्ट और आदर्शों से च्युत जीवन. मार्ग रुद्ध कर दिया बुद्धि का, बाधित कर च...
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सोमवार, 3 फ़रवरी 2014
सागर-संगम - 5
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लोकमन - कभी विराम नहीं ले पाती बहती जीवन धारा , द्वापर युग के भँवर-जाल में, नर फँस गया बिचारा . तब अवसन्न विषाद मुक्ति हित कर्म-मंत्र...
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मंगलवार, 10 सितंबर 2013
कुछ पंक्तियाँ.
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* हमारे भारत में इधर मनुष्यों की नर-जाति में एक बदलाव नज़र आ रहा है.लगता है पुरुषत्व की परिभाषा ही बदल जाएगी .औसत में जो होता है उसी के आ...
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