लालित्यम्
ललित लेखन -गद्य .
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कहानी-कुञ्ज
भानमती का कुनबा.
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गुरुवार, 29 नवंबर 2012
दुखी हो लेना ही पर्याप्त नहीं है.
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* आज मल्हार ब्लाग का आनन्द ले रही थी .वहाँ 8सितंबर 2012 की एक पोस्ट है - अवन्तीपुर (कश्मीर).जिसमें 14वीं शती के एक सुल्तान सिकंदर बुतश...
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शनिवार, 24 नवंबर 2012
भानमती का लोक-जाल ..
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* 'आज तो खूब पहन-ओढ़ कर आई हो. जम रही हो ." वह मुस्कराये जा रही है . 'क्या हुआ, भानमती ?' 'बस पूछो मत .शादियों के...
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मंगलवार, 20 नवंबर 2012
पीला गुलाब - समापन सत्र.
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* 10 'एक तो दो-दो लौंडियाँ ,ऐसी चढ़ा के रक्खीं बिलकुल अपने मन की हो रही हैं .ऊपर से अंग्रेजी इस्कूल में दाखिल करवा दीं' - जिठानी ...
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गुरुवार, 8 नवंबर 2012
पीला गुलाब - 8 & 9.
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8 . 'आजकल दादा की पोस्टिंग कश्मीर साइड में है , अच्छा मौका है ,' शिब्बू ने कहा ,'चलो हम लोग उधर भी घूम आते हैं .' और...
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सोमवार, 5 नवंबर 2012
तमिल और संस्कृत का अंतःसंबंध.
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तमिल और संस्कृत का अंतःसंबंध - वर्तमान के परिप्रेक्ष्य में . तमिल भाषा के प्रथम व्याकरण की रचना वैदिक काल के अगस्त्य मुनि द्वारा की गई...
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शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2012
पीला गुलाब -6 & 7.
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6. जहाँ दादा की पोस्टिंग नई जगह में हुई ,शिब्बू उत्साह से भर जाते हैं . उनके के घर जाकर रहना बड़ा अच्छा लगता है उन्हें .शादी के बाद नई ...
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मंगलवार, 16 अक्टूबर 2012
'यो मां जयति संग्रामे.....'
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नवरात्र ! कानों में गूँजने लगता है - 'यो मां जयति संग्रामे, यो मे दर्प व्यपोहति । यो मे प्रति-बलो लोके, स मे भर्त्ता भविष्यति ।।...
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